क्यों है हनुमान चालीसा सबसे शक्तिशाली भजन ।

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हिंदू धर्म में भगवान हनुमान को "शक्ति के देवता" के रूप में पूजा जाता है, वह सात "चिरंजीवी" में से एक हैं, चिरंजीवी हिंदू धर्म में सात अमर जीव हैं और पृथ्वी पर कलियुग तक जीवित रहेंगे । मंगलवार और शनिवार को देश भर के हनुमान मंदिरों में भारी भीड़ देखी जा सकती है, क्योंकि हनुमान का जन्म चैत्र महीने के पूर्णिमा के दिन मंगलवार को हुआ था और शनिवार को शनिदेव का दिन माना जाता है, जब हनुमान जी देवी सीता की लंका में खोज कर रहे थे तब हनुमान ने शनि देव को रावण की पकड़ से बचाया था और तब शनि देव ने एक वरदान दिया था कि भगवान हनुमान और उनके भक्तों को सभी शनि देव के प्रतिकूल प्रभावों से बचे रहेंगे इसीलिए भक्त शनिवार हनुमान की पूजा करते है ताकि भक्त शनि देव प्रतिकूल प्रभावों से बचे रहे। 

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जब भगवान हनुमान ने अशोक वाटिका पर धावा बोला था, जहां देवी सीता को बंदी बनाया गया था, अशोक वाटिका रावण के राज्य में उच्च सुरक्षा वाली जगह थी जहां हवा भी प्रवेश नहीं कर सकती थी, इसलिए कहा जाता है कि भगवान हनुमान  "असत्या" को  "सत्य" में बदल सकते है।  ("असंभव" से "संभव")

यह तो सभी जानते है की हनुमान चालीसा तुलसी दास ने लिखी थी लेकिन किन परिस्थिति में लिखी थी इसके पीछे एक रोचक कहानी है। तुलसी दास ने  हनुमान चालीसा के सुंदर छंद जेल में  लिखे थे। एक बार जब तुलसी दास दिल्ली में एक मुग़ल सम्राट से मिलने गए,  जब उन्हें गोकुल (श्रीकृष्ण जन्मस्थान) में भगवान श्री राम के दर्शन हुए, सम्राट ने श्री राम को दिखाने के लिए तुलसी दास को चुनौती दी, जिसके लिए उन्होंने उत्तर दिया कि राम के प्रति सच्ची श्रद्धा के बिना यह संभव नहीं है और उन्हें सम्राट द्वारा कैद कर लिया गया, जब तुलसी दस ने पूरी हनुमान चालीसा लिख ली उसके तुरंत बाद बंदरों की सेना ने शहर पर हमला कर दिया, राजा और उसकी सेना बंदरों को नियंत्रित करने में असफल रही और तुलसी दास से आग्रह किया, क्योकि  सम्राट को आभास हो गया था कि यह भगवान हनुमान के क्रोध का ही नतीजा है जिस कारणवश बंदरों की सेना ने हमला किया है। तुलसी दास के जेल से आज़ाद होने के तुरंत बाद बंदरों ने उनकी शरारतें बंद कर दीं और वह से वापस लौट गए।

हनुमान चालीसा का जाप करने से बड़ी से बड़ी समस्यों का निवारण होता है , जो भक्त हनुमान के प्रति पूरी निष्ठा के साथ इसका जप करते हैं उनपे हनुमान की कृपा और आशीर्वाद सदा बना रहता ।

भगवान राम के प्रति हनुमान की भक्ति अभूतपूर्व है। बताया जाता है कि जब राम रावण के खिलाफ युद्ध जीतने के बाद अयोध्या लौट रहे थे तब भगवान राम ने हनुमान को कहा, "आपने मेरे लिए जो कुछ भी किया है, वह बस असीम है। मैं हमेशा आपके ऋण में रहूंगा। मैं आशीर्वाद देता हूं कि आप अमरता प्राप्त करें और चिरंजीवी "बनें।" जहां भी राम की महिमा की बात की जाएगी, हनुमान की महिमा के बारे में भी बात की होगी।

हनुमान चालीसा का पाठ करने का सबसे अच्छा समय सुबह और शाम का है। हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने का सुझाव दिया गया है, सुबह स्नान करने के बाद ही भजन का पाठ किया जाना चाहिए और शाम को हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए चेहरा, हाथ और पैर धोना चाहिए। भजन का पाठ करने में सिर्फ 10 मिनट लगते हैं। सभी बच्चे और वयस्क हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

तो, भक्तों, भगवान में पूर्ण विश्वास रखें और परिवर्तन का अनुभव करें और बिना किसी संकोच के हनुमान चालीसा का जाप करते रहें और परम देव हनुमान की अद्भुत शक्तियों पर विश्वास रखें।