"राम ही पार लगावेंगे" भजन भगवान श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें भक्त यह विश्वास प्रकट करता है कि जीवन की नैया चाहे कितनी भी डगमगाए, अंततः राम ही उसे पार लगाएंगे। नीचे आप इस भजन के पूरे बोल पढ़ सकते हैं।
राम ही पार लगावेंगे भजन लिरिक्स
अजी मैं तो राम ही राम भजूँ री मेरे राम
राम ही पार लगावेंगे
जल थल गगन मण्डल में राम
राम ही पार लगावेंगे
तन मोरा राम, मन मोरा राम
तन मोरा राम, मन मोरा राम
मोरा कण-कण हो ऽ ऽ राम ही राम
राम ही पार लगावेंगे
बाहर राम, भीतर राम
बाहर राम, भीतर राम
मोरा रोम-रोम मोरा राम ही राम
राम ही पार लगावेंगे
अजी मैं तो राम ही राम भजूँ री मेरे राम
राम ही पार लगावेंगे
जल थल गगन मण्डल में राम
राम ही पार लगावेंगे
"राम ही पार लगावेंगे" भजन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति और अटल विश्वास के आगे कोई भी संकट टिक नहीं सकता। आप हमारी वेबसाइट पर हनुमान चालीसा पाठ, राम भजनों का संग्रह और आरती एवं स्तुति भी पढ़ सकते हैं।

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