जब मन थक जाए और कोई रास्ता न दिखे, तब सच्ची प्रार्थना ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। "प्रभु हम भी शरणागत हैं" ऐसा भावुक भजन है, जो अपनी कमियाँ मानकर ईश्वर की शरण में जाने की बात कहता है। भक्ति परंपरा में शरणागति को पूर्ण समर्पण माना गया है। सुबह की पूजा में गाए जाने वाले भजन अक्सर इसी तरह मन को ठहराव देते हैं, इसलिए पूरे लिरिक्स यहाँ दिए गए हैं।
प्रभु हम भी शरणागत हैं स्वीकार करो तो जाने लिरिक्स
प्रभु हम भी शरणागत हैं,स्वीकार करो तो जाने,
अब हमें पतित से पावन ,
सरकार करो तो जाने।
प्रेमी जन तुमको पाते,
तुम भक्ति भाव वश आते,
हम कुटिल हृदय से कलुषित,
उपकार करो तो जाने,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जानें।
ज्ञानी तुम में तन्मय है,
ध्यानी भी तुम में लय है,
हम अज्ञानी चंचल चित्त,
निस्तार करो तो जाने,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जानें।
क्या मुख ले विनय सुनाए,
हम कैसे तुम्हें मनाएं,
अगणित अपराध किए हैं,
उद्धार करो तो जानें,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जानें।
जीवन नैयाँ जर्जर है,
पल पल विनाश का भय हैं,
ऐसे ही एक पतित को,
भव पार करो तो जानें,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जानें।
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जाने,
अब हमें पतित से पावन ,
सरकार करो तो जाने।
यह भजन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के सामने अहंकार नहीं, विनम्रता ही काम आती है। संकट में वीर हनुमाना का स्मरण हो या गुरुजी को प्रणाम, हर भाव में यही समर्पण झलकता है। इस रचना को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, ताकि यह भाव ज़्यादा लोगों तक पहुँचे।
गाना: प्रभु हम भी शरणागत हैं स्वीकार करो तो जाने
गायक: पूज्य राजन जी महाराज
लिरिक्स: पूज्य पथिक जी महाराज

No comments
Do not enter any spam link in the comment box