जय रघुनन्दन, जय सिया राम लिरिक्स - Jai Raghunandan Jai Siyaram

Jai Raghunandan Jai Siyaram lyrics in Hindi with a devotional illustration of Lord Hanuman in a temple


जय रघुनन्दन, जय सिया राम लिरिक्स उन भक्तों के लिए हैं जो प्रभु श्रीराम की शरण में मन को शांति देना चाहते हैं। यह भजन श्रीराम को दुखभंजन और दया के सागर के रूप में याद करता है, जो भाई-भाई के स्नेह और नर-नारी के प्रेम की ज्योति जगाते हैं। राम भक्ति की यह परंपरा सदियों पुरानी है और आप इसे भक्ति साहित्य संग्रह में भी देख सकते हैं। सुबह-शाम की पूजा में गाने के लिए नीचे पूरे बोल पढ़ें।


जय रघुनन्दन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

भ्रात भ्रात को हे परमेश्वर,
स्नेह तुन्ही सिखलाते,
नर नारी के प्रेम की ज्योति,

जग में तुम्ही जलाते,
ओ नैया के खेवन हारे,

जपूं मै तुम्हरो नाम,
जय रघुनन्दन जय सियाराम,

हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।
तुम्ही दया के सागर प्रभु जी,
तुम्ही पालन हारे,

चैन तुम्ही से पाए बेकल,
मनवा सांझ सकारे,

जो भी तुमरी आस लगाये,
बने उसी के काम,
जय रघुनन्दन जय सियाराम,

हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम लिरिक्स को पढ़ने और गाने के बाद मन में जो शांति उतरती है, उसे रोज़ की साधना में बनाए रखना ही असली भक्ति है। श्रीराम के हर भक्त के हृदय में हनुमान जी का स्थान सबसे ऊपर है, इसलिए राम नाम के साथ उनका स्मरण भी करें। चाहें तो कोई और भजन गाएं, चालीसा का पाठ करें या शाम को आरती उतारें। मन को स्थिर रखने के लिए मंत्र का जप भी अच्छा रहता है, और बजरंगबली की कथा सुनने से श्रद्धा और गहरी होती है। प्रभु राम सब पर कृपा बनाए रखें। जय श्रीराम।


No comments

Do not enter any spam link in the comment box